menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततोऽस्य दीप्यमानेन पीतेन निशितेन च |  ६४   क
प्रमुखे वर्तमानस्य भल्लेनापाहरद्ध्वजम् |  ६४   ख
ततः प्रभग्नं तत्सैन्यं दौर्योधनमरिन्दम ||  ६४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति