menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तत्र पश्यामहे कर्म शल्यस्यातिमहद्रणे |  ९   क
यदेकः सर्वसैन्यानि पाण्डवानामय़ुध्यत ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति