menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८१
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
एकहंसे नरः स्नात्वा गोसहस्रफलं लभेत् |  १७   क
कृतशौचं समासाद्य तीर्थसेवी कुरूद्वह |  १७   ख
पुण्डरीकमवाप्नोति कृतशौचो भवेन्नरः ||  १७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति