menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
कोशसञ्जनने मन्त्रे व्यूहप्रहरणेषु च |  ११   क
नाथमन्यं न पश्यामि कुरूणां कुरुसत्तम ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति