menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ६४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ईदृशो मर्त्यधर्मोऽय़ं धात्रा निर्दिष्ट उच्यते |  २२   क
विनाशः सर्वभूतानां कालपर्याय़कारितः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति