menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अथ देहैर्नवैरन्यैर्दिक्षु सर्वास्वदृश्यत |  ५८   क
पुनश्चापि महाकाय़ः शतशीर्षः शतोदरः ||  ५८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति