menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तमञ्जनचय़प्रख्यं कर्णो दृष्ट्वा महीधरम् |  ६८   क
प्रपातैराय़ुधान्युग्राण्युद्वहन्तं न चुक्षुभे ||  ६८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति