menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ४३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एते सुकृतिनः पार्थ स्वेषु धिष्ण्येष्ववस्थिताः |  ३५   क
यान्दृष्टवानसि विभो तारारूपाणि भूतले ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति