menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १५१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
सव्येन च कटीदेशे गृह्य वाससि पाण्डवः |  २३   क
तद्रक्षो द्विगुणं चक्रे नदन्तं भैरवान्रवान् ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति