menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ३३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
षष्टिं गवां सहस्राणि कुरवः कालय़न्ति ते |  १०   क
तद्विजेतुं समुत्तिष्ठ गोधनं राष्ट्रवर्धनम् ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति