menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १५१
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
यवक्रीतोऽथ रैभ्यश्च कक्षीवानौशिजस्तथा |  ३१   क
भृग्वङ्गिरास्तथा कण्वो मेधातिथिरथ प्रभुः |  ३१   ख
वर्ही च गुणसम्पन्नः प्राचीं दिशमुपाश्रिताः ||  ३१   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति