menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय १८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
जघने युध्यमानं हि कौन्तेय़ो मां धनञ्जय़ः |  ३२   क
नोत्सहेताभ्यतिक्रान्तुं वेलामिव महोदधिः ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति