आदि पर्व  अध्याय ३

सूत उवाच

यश्चाधर्मेण विव्रूय़ाद्यश्चाधर्मेण पृच्छति ||  ९४   क
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति