menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
रथेन तेनानलवर्चसा च; विद्रावय़न्पाण्डववाहिनीं ताम् |  २०   क
रराज सङ्ख्ये परिवर्तमानो; विद्युन्माली मेघ इवान्तरिक्षे ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति