menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स दीर्घकालाध्युषितं पूर्ववैरमनुस्मरन् |  ४   क
विज्ञाय़ैतन्निशाय़ुद्धं जिघांसुर्भीममाहवे ||  ४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति