menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ५३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तथा तु तिष्ठतां तेषां नारदो भगवानृषिः |  १५   क
आजगामाथ तं देशं यत्र रामो व्यवस्थितः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति