menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सोऽवतीर्य रथोपस्थाद्धताश्वो हतसारथिः |  ४०   क
तस्मै गुर्वीं गदां घोरां स विनद्योत्ससर्ज ह ||  ४०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति