menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
उपप्रैक्षन्त पाञ्चालाः स्मय़मानाः सराजकाः |  ५   क
तथैव तावका राजन्घूर्णमानास्ततस्ततः ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति