menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १५३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
प्राप्तोऽस्मि समय़े राजन्नग्नीनादाय़ ते विभो |  २०   क
आचार्या व्राह्मणाश्चैव ऋत्विजो भ्रातरश्च मे ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति