menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १५३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यथा पाण्डोः सुता राजंस्तथैव तव धर्मतः |  ३३   क
तान्पालय़ स्थितो धर्मे गुरुशुश्रूषणे रतान् ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति