menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
हतं दृष्ट्वा महाकाय़ं वकज्ञातिमरिन्दमम् |  ३३   क
पाञ्चालाः पाण्डवाश्चैव सिंहनादान्विनेदिरे ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति