menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १५४
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
संन्यस्य सर्वकर्माणि संन्यस्य विधिवत्तपः |  ३०   क
संन्यस्य विविधा विद्याः सर्वं संन्यस्य चैव ह ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति