menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १५४
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
यच्च पैतामहं स्थानं व्रह्मराशिसमुद्भवम् |  ३२   क
गुहाय़ां पिहितं नित्यं तद्दमेनाभिपद्यते ||  ३२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति