menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १५४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
पुनश्च परिपप्रच्छ भीष्मं धर्मभृतां वरम् |  ३८   क
तपः प्रति स चोवाच तस्मै सर्वं कुरूद्वह ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति