menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १५४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
न च राजावमन्तव्यो रक्षसा जात्वनागसि |  १२   क
अणुरप्यपचारश्च नास्त्यस्माकं नराशन ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति