menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १५४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
उक्तो मय़ा वासुदेवः पुनः पुनरुपह्वरे |  २७   क
सम्वन्धिषु समां वृत्तिं वर्तस्व मधुसूदन ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति