menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
समं हि तावप्रतिमप्रभावा; वन्योन्यमाजघ्नतुरुत्तमास्त्रैः |  १६   क
तय़ोर्हि वीरोत्तमय़ोर्न कश्चि; द्ददर्श तस्मिन्समरे विशेषम् ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति