menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
महाशिलाश्चापतंस्तत्र तत्र; सहस्रशः साशनय़ः सवज्राः |  २८   क
चक्राणि चानेकशतक्षुराणि; प्रादुर्वभूवुर्ज्वलनप्रभाणि ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति