menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १५५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
निहते राक्षसे तस्मिन्पुनर्नाराय़णाश्रमम् |  १   क
अभ्येत्य राजा कौन्तेय़ो निवासमकरोत्प्रभुः ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति