menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १५५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यत्रैव कृष्णेन रणे निर्जितः परवीरहा |  १५   क
तत्र भोजकटं नाम चक्रे नगरमुत्तमम् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति