menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५५
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
अतिहर्षमिमं प्राप्तं शृणु मे त्वं धनञ्जय़ |  ११   क
अतीव मनसः सद्यः प्रसादकरमुत्तमम् ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति