menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १६०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यस्मिन्व्रह्मसदश्चैव तिष्ठते च प्रजापतिः |  १३   क
भूतात्मा विसृजन्सर्वं यत्किञ्चिज्जङ्गमागमम् ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति