menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ८०
chevron_left
chevron_right
पुलस्त्य उवाच
व्राह्मणः क्षत्रिय़ो वैश्यः शूद्रो वा राजसत्तम |  ५१   क
न विय़ोनिं व्रजन्त्येते स्नातास्तीर्थे महात्मनः ||  ५१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति