menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५७
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
यथा वराहस्य शुनश्च युध्यतो; स्तय़ोरभावे श्वपचस्य लाभः |  ८   क
मन्ये विद्वन्वासुदेवस्य तद्व; द्युद्धे लाभः कर्णहैडिम्वय़ोर्वै ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति