menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १६३
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
स सर्वतः परिभ्रष्टः सार्थाद्देशात्तथार्थतः |  ५   क
एकाकी व्यद्रवत्तत्र वने किम्पुरुषो यथा ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति