menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १५८
chevron_left
chevron_right
गन्धर्व उवाच
संस्तम्भितं हि तरसा जितं शरणमागतम् |  ३९   क
योऽरिं संय़ोजय़ेत्प्राणैः कल्याणं किं न सोऽर्हति ||  ३९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति