menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १५८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
धर्मशीलं गुणोपेतं पाप इत्यवगच्छति |  ८   क
आत्मशीलानुमानेन न विश्वसिति कस्यचित् ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति