menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १५८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तमासीनं महाकाय़ाः शङ्कुकर्णा महाजवाः |  ३६   क
उपोपविविशुर्यक्षा राक्षसाश्च सहस्रशः ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति