menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
वध्यमानेषु चास्त्रेषु पीडितः सूतनन्दनः |  ५६   क
वासवीं समरे शक्तिं ध्रुवं मुञ्चेद्युधिष्ठिर ||  ५६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति