menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ३१८
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
क्लेशाः प्रतिनिवर्तन्ते केषाञ्चिदसमीक्षिताः |  ४०   क
स्वं स्वं च पुनरन्येषां न किञ्चिदभिगम्यते ||  ४०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति