menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १३७
chevron_left
chevron_right
पूजन्यु उवाच
यस्तु रञ्जय़ते राजा पौरजानपदान्गुणैः |  १०३   क
न तस्य भ्रश्यते राज्यं गुणधर्मानुपालनात् ||  १०३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति