menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यच्चाश्वस्तास्तवेच्छामः शर्म पार्थ तदस्तु ते |  ३३   क
मनसश्च प्रिय़ानर्थान्वीर क्षिप्रमवाप्नुहि ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति