menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः प्रववृते युद्धं पुनरेव विशां पते |  ५०   क
लोके लोकविनाशाय़ परं लोकमभीप्सताम् ||  ५०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति