menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २६०
chevron_left
chevron_right
स्यूमरश्मिरु उवाच
व्राह्मणप्रभवो यज्ञो व्राह्मणार्पण एव च |  ३३   क
अनु यज्ञं जगत्सर्वं यज्ञश्चानु जगत्सदा ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति