अनुशासन पर्व  अध्याय १६

वासुदेव उवाच

ऋषीणामभिगम्यश्च सूत्रकर्ता सुतस्तव |  ६९   क
मत्प्रसादाद्द्विजश्रेष्ठ भविष्यति न संशय़ः ||  ६९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति