अनुशासन पर्व  अध्याय १६

वासुदेव उवाच

गुह्यानीमानि नामानि तण्डिर्भगवतोऽच्युत |  ७५   क
देवप्रसादाद्देवेश पुरा प्राह महात्मने ||  ७५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति