आश्वमेधिक पर्व  अध्याय १६

जनमेजय़ उवाच

सभाय़ां वसतोस्तस्यां निहत्यारीन्महात्मनोः |  १   क
केशवार्जुनय़ोः का नु कथा समभवद्द्विज ||  १   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति