menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १६
chevron_left
chevron_right
व्राह्मण उवाच
न क्वचित्सुखमत्यन्तं न क्वचिच्छाश्वती स्थितिः |  २९   क
स्थानाच्च महतो भ्रंशो दुःखलव्धात्पुनः पुनः ||  २९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति