menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
त्वत्तेजःसम्भवो नित्यं हुताशो मधुसूदन |  ९   क
रतिः क्रीडामय़ी तुभ्यं माय़ा ते रोदसी विभो ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति