सभा पर्व  अध्याय १६

वासुदेव उवाच

एतावदेव पुरुषैः कार्यं हृदय़तोषणम् |  ३   क
नय़ेन विधिदृष्टेन यदुपक्रमते परान् ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति